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Saturday, 18 February 2017

Love In Office Time

तो हम हाज़िर है कुछ और लघु प्रेम कथा के साथ । वसंत के इस माहोल में  हम भी प्यार के कुछ रंग भरते है अपनी कलम से । ( सॉरी, कलम कहा? अपने कीबोर्ड से !)
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1) वैसे तो दोनों का जॉब एक ही कंपनी में और तो और तो एक ही सिटी में पोस्टिंग मिला था । लेकिन डिपार्टमेंट अलग अलग मिला था । HR को जो पता था की दोनों साथ रहे तो काम कम प्यार ज्यादा करेगे । सो मिलाना तो कम हो गया । लेकिन बस तो थी उनके प्यार में नए पल लाने के लिये । अब तो बस में पास पास की सीट्स पर बेठके ऐसे बात करते थे मानो की आसपास कोई है ही नहीं ! बस की बोरिंग लगने वाली ट्रेवलिंग इश्क़ का सुहाना सफ़र बन गया था उनके जीवन में । अब तो बस उनके प्यार को भी जो आगे ले जा रहा है !

2)  नया शहर कितना भी अच्छा लगने लगे पर  जब खाने का वक़्त होता है तब तो घर की याद आ ही जाती है । और उस के लिए तो ये पहला ही अनुभव था घर से दूर, अजनबी के बीच । अक्सर जो लोग घर से दूर रहने वाले लोग अपने दिल को बेहलाने के लिये  किसी फ्रेंड या तो प्यार की हमेशा तलाश में रहते है । उधर लड़की भी उसकी परेशानी से बेचेन रहने लगी । वो शुरआती दिनों में ही अच्छे ख़ासे नजदीक आ गए थे । चूँकि वो वही शहर से थी तो घर से खाना लेकर आती थी । लड़का को कहना तो चाहता था लेकिन हिचकिचाता था । और एक दिन टिफ़िन में ज्यादा खाना देखकर वो बोला,  " आज इतना सारा खाना क्यों? " 
"आज से हररोज मेरे टिफ़िन में तेरे लिए खाना आयेगा । माँ को भी बोल दिया है ।" 
और वो उसकी आँखो में देखकर मुस्कुराया । 
आख़िरकार प्यार मे सब कुछ जताने की जरुरत नहीं पड़ती ।

3) मामला थोडा अटपटा सा हो गया था । दोनों पहले तो एक ही जगह काम करने लिए तरस रहे थे । अब जब लड़के को उसी जगह काम मिल गया, लेकिन वो उसकी बॉस थी  तो थोड़ी टेंशन चल रही थी काम के मामले में । 
"मुझे कुछ काम तो दो? सब कह रहे है की में तुम्हारी पोजीशन का फायदा उठा रहा हूँ ।" 
"तुम्हारे काम से कंपनी खुश है ।"
"कोन सा काम?"
"प्यार का !"
" कैसे ? "
"तुम्हारे प्यार से में खुश रहती हु तो ज्यादा अच्छे से काम कर पाती हूँ, और इस वजह से कंपनी खुश है" 
" बस बस । बहुत हो गया ।" 
और लड़का जूठा गुस्सा करते चला गया । और लड़की मुस्कारने लगी !

4) दोनों नए थे प्यार में । तो हर नए प्रेमी जोड़ो की तरह वे भी हर पल मिलने के लिए बेचैन रहते थे। लेकिन अब एक दिक्कत थी । उनकी शिफ्ट चेंज हो गयी थी । तो मिलान भी बंध । अब उन्होंने छुट्टी के दिनों में मिलने का प्लान बनाया । 
"मेरा इंतज़ार कर रही थी?"
"नहीं !" 
" तो किसका इंतज़ार करती हो?"
" रविवार का ! "
" तो जाओ अपने रविवार के पास "
" मेरा रविवार तुम हो। "

5) हर सैटरडे और सन्डे को वो कॉफ़ी शॉप में आके बैठता है । और वहा आये हुए लव बर्ड्स को देख कर खुश हो जाता था ।
 एक बार कैफ़े वालें ने पूछा भी," आप दुसरो को देख के इतने खुश क्यों होते हो ? "
लड़का बोला , "उनका प्यार देखकर मुझे भी प्यार का एहसास होता है और मुझे भी उम्मीद है की एक दिन मुझे भी ऐसे प्यारी सी लड़की मिलेंगी ! "
"हाँ, उम्मीद तो दुनिया कायम है, और आप को तो कुछ बड़ा नहीं सिर्फ प्यार की ही उम्मीद है ।" कैफ़े वाले जाते जाते बोला । 
लड़का मन में ही बोला की तुम्हे क्या पता इस दुनिया में प्यात ही सबसे बड़ा और महंगा है !