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Monday, 28 March 2016

कुछ छोटी छोटी बाते

1) फ्रेंड सर्कल

हम सब फ्रेंड्स एक लाइन मे कंधे से कंधे मिलाकर खडे थे| जो भी नया आता उससे भी कन्धा लगा लेते थे, लाइन बडी होती गई और दिल मिलने लगे | जब एक दूसरे के चेहरे नही देख पाते थे और बाते करने मे दुरी लगने लगी, सब ने सोचा चलो हम युही खडे खडे एक दूसरे के नजदिक आ जाते हे और सर्कल बना लिया |

थोडे दिनो के लिये सबको बहुत अच्छा लगा | लेकिन बाद मे जब कोइ नया फ्रेंड बनने नही आया और कोई नये विचार भी नही आये तो सब अंदर ही अंदर घुटन महसूस करने लगे |
अब ऐसा सर्कल बनाने का फ़ायदा ?

खुला मन और दिल ही फ्रेंडशिप का असली मजा देती है |

2) Virtual फ्रेंडशिप

वो दूसरो से बहुत बाते करता है | वोह सब ग्रूप मे भी बडी आत्मियता से बातें करता रहता है | सबको हसाता रहता है | कुछ अच्छे  लोगो के साथ तो पर्सनल डिस्कशन  भी  कर लेता है | लेकिन तो भी परेशान रहता है | दिल मे अजीब सी निराशा छाइ रहती है | लोगो को अपनी और खिचने का बहुत नाटक करते रहता है |

लेकिन अभी तो कहा वो बहुत ही घुल मिलता है, तो फिर?

अरे ! हा वो बताना तो भुल ही गया वो ये सब सिर्फ online ही करता है |


3) महान लेखक

अच्छे लेखको को पढना बहुत ही सहारने वाली बात है |  कुछ लोगो ने कहा पुराने जमाने मे हुए ख्यात पुस्तके ज्यादा पढने चाहिये, इससे बहुत कुछ जानने को मिलेगा | कुछ लोग कहते है की नये लेखको को पढो,जो आज के दौर का लिखते है | कइ नये लेखक भी तो अच्छा लिखते है |

लेकिन क्या पुराना पढने से हम पीछे चले जायेगे ?

और क्या हम नया पढेगे तो वो हमारी आने वाली नस्ल के लिये महान नही बनेगा क्या ?

4) भगवान से प्रार्थना

वो बहुत मेहनती था | अच्छा भला आदमी था | कभी किसि का बुरा ना चाहा और ना ही किया !
हर रोज मंदिर जाता था और अच्छे से पुजा भी करता था | लेकिन उसको कभी भी कुछ हासिल नही हुआ |

ऐसा क्यो?

तो ऐसा है  की कुछ पाने के लिये कुछ करना भी पडता है | सिर्फ सही सोच और ईश्वर से प्रार्थना करने से कुछ मिलता नही !