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Saturday, 28 November 2015

LaPreK in time of marriage season

1) लडकी बारात मे आयी थी| बस देखते रेह गये एक दूसरे को और दोनो की आंखे खेलने लगी | बात तो दोनो को करनी थी, लेकिन करे तो करे क्या? वोह खाने के लिये गयी थी, और वोह भी पीछे खडा रह गया |
खाने कि तारीफ़ से बात शुरू हुई और एक दूसरे की तारीफ़ पर खत्म |
क्या रुहानि माहोल बन गया और यहा एक और शादी की तैयारी होने लगी |
बिदाइ के वक़्त जब वोह रोने लगी तो लगा की अभी किया वो फ्लर्टिंग थी या पहली नज़र वाला प्यार |


2) दोनो अपने एक कोमन फ्रेंड की शादी मे गये |उनकी लव मैरेज हो रही थी |
लडकी बोली अब हमारी ऐसी शादी कब होगी ?
 उसने कहा हो तो गयी है हमारी|
कब?
अरे जब मेने तुझे प्रपोज किया तब, मन ही मन , तूने तो बोला था मुझे !
अरे, पगले मन ही मन मे तो हमने क्या नही किया? एक बार दुनिया के सामने तो करके दिखाओ, ताक़त है तो|
अरे उसमे मे क्या, मेरी प्यार और ताक़त तुम तो हो!


3) वैसे तो वोह भी एक दोस्त थी, और उसके घर दूसरे दोस्तो के साथ उसके घर शादी मे गयी थी|
लेकिन उसे देखने के बाद लोग उसकी शादी की बात होने लगी | जब लडकी को मालूम हुआ इस बारे मे तब वोह पेहेले तो लड़के को डाटने लगी, फिर शान्त हो गयी |
वोह बोला उसमे क्या हमे कोई फर्क नही पडना चाहिये |
नही तुम पहले डिसाइड करो की हम  फ्रेंडशिपमे है की लव मे ?
कुछ भी नही ! हम तो इस ज़िंदगी मे है |
हा हा !


4) मैरेज थी दोनो की आफ्टर लौंग स्ट्रगल ! दोनो खुश थे, घर वाले भी मजे ले रहे थे |
सब अपने काम मे मगन थे और दोनो मंडप मे ही प्यारी बाते करने लगे | तुम मुझे अब कितना चाहती हो उसकी परीक्षा होगी |
वोह कैसे, पास हो गयी इसलिये तो शादी हो रही है |
वैसे नही. पत्नी और प्रेमिका मे फर्क होता है |
हाहा, तुम तो अभी से डरने लगे ! मे तुम्हे चाहती हू, और रहुन्गी |
तभी पीछे से आवज आई , फेरे बाकी हे,बाते बाद मे करना |
दोनो शरमा गये और पंडितजी की बातो मे ध्यान  देने लगे |


5) दोनो नये नये थे प्रेम के मामले मे|
  वोह उसके घर गयी , उसकी बहन की शादी मे| जब सबके सामने मिली तो सिर्फ हसे, इंट्रोड्यूस ही नही करवाया |
शादी मे भिड थी तो दूसरो को तो ना पता चला, ना सामने से मुलकात करवाई |बाद मे वोह बोलने
 लगी की सिर्फ स्माइल के लिये बुलाया था क्या ? उसने कहा तेरा स्माइल हि तेरी पहचान है |
वोह फिरसे मुस्कुराने लगी |